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Aloe Vera के गुण तथा लाभ और किसे एलो वेरा का सेवन नहीं करना चाहिए

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Hello fellows,

आज हम आपको एक ऐसी जड़ी-बूटी के विषय में बताने जा रहें हैं जिसे खा भी सकतें हैं और चोट लग जाने पर लगा भी सकतें हैं। अनेकों अनेक चिकीत्सीय गुणों से भरपूर Aloe Vera  को हिंदी में “घृतकुमारी” या “ग्वारपाठा” के नाम से भी जाना जाता है। अधिकांश रूप से हर्बल सौंदर्य उत्पादों में इसका उपयोग किया जाता है।

भारत में हाल ही में आई योगक्रांति के बाद घृतकुमारी का उपयोग घर-घर में किया जाने लगा है। बालों को घना बनाने के लिए अथवा त्वचा में निखार लाने के लिए इसका इस्तेमाल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर एलोवेरा का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।  Aloe vera को आप घर में किसी भी गमले में उगा सकतें हैं और जब चाहें इसे इस्तेमाल कर सकतें हैं। यह पौधा 4-5 फीट की लम्बाई तक बढ़ता है। अनेक प्रकार के अमीनो एसिड्स और विटामिनों से भरपूर जहां आपके शरीर में खून की कमी को दूर करता है वहीँ दूसरी तरफ बालों को झड़ने से बचाने और ड्राई स्किन से glowing skin पाने में भी मदद करता है।

Aloe Vera के लाभ :

  • सनस्क्रीन की तरह करें इस्तेमाल : बाज़ार में बिकने वाली महंगी सनस्क्रीन की बजाय घर में उपलब्ध एलो वेरा का उपयोग करने से मोटे खर्चे और सनबर्न से बचा जा सकता है। आपके शरीर के उपर एलो वेरा की परत सूर्य की हानिकारक किरणों (UV Rays) से आपकी रक्षा करती है।

  • जल जाने पर : तुरंत उपलब्ध दवा के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है। खाने की बजाय यदि किसी जले हुए स्थान पर इसे रगड़ दिया जाये तो जलन में आराम मिलता है। एक रिसर्च के अनुसार एलो वेरा पारंपरिक दवा की तुलना में लगभग 9 दिनों तक जलने के समय को कम कर सकता है।

  • चोट लग जाने पर : खेल खेल में बच्चों के घुटने, कोहनी आदि छिल जाना या उसपर खरोंच आदि आ जाना आम बात है। ऐसे में अगर एलो वेरा का प्रयोग किया जाये तो चोट पर होने वाली जलन से छुटकारा मिल सकता है। Aloe Vera में antioxidents, एंटीबैक्टीरियल properties विशेष रूप से पाई जाती है जो घावों में बढ़ने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती हैं।

Scratches

  • दातों में सड़न से छुटकारा : दांत में होने वाली असहनीय दर्द का मुख्य कारण बैक्टीरिया को ही माना जाता है। एलो वेरा जूस की तुलना क्लोरहेक्सिडिन से की गयी है अर्थात दांत के दर्द में लिये जाने वाले माउथ वाश में क्लोरहेक्सिडिन पाया जाता है। यदि हम एलो वेरा जूस को माउथ वाश के रूप में इस्तेमाल करतें हैं तो दांत के दर्द लाभ मिलना निश्चित है। मुंह के छालों में भी एलो वेरा का    उपयोग लाभकारी है।

Cavity

  • वजन को करे कण्ट्रोल: आजकल बहुत से लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर अत्यंत दुखी हैं। मोटापे के कारण वे अपने रोजमर्रा के जरूरी कामों को भी करने में असमर्थ हैं। ऐसे में aloe vera जूस उनकी कुछ हद तक मदद कर सकता है। खान पान पर नियंत्रण और विभिन्न रसायनों का प्रयोग जैसे कि लौकी का जूस, निम्बू पानी आदि लेने से भी मोटापे को कण्ट्रोल किया जा सकता है।

Weight control

  • Acne और झुर्रियों से बचाए : गर्मियों में बहुत से लोगों को मुंह पर दाने निकल जातें हैं जिसका मुख्य कारण पाचन क्रिया का ठीक ना होना है। घृतकुमारी का जूस पीने से पाचन तन्त्र ठीक रहता है और इसका gel लगाने से acne, pimples में भी आराम मिलता है। नियमित रूप से इसका उपयोग चेहरे और प्रेगनेंसी के बाद स्ट्रेच मार्क्स पर भी असरकारक है।

Acne

  • बालों को झड़ने से बचाए : सप्ताह में एक बार एलो वेरा gel की अपने बालों पर हलके हाथों से मसाज़ करने से उनका असमय सफ़ेद होना, झड़ना, टूटना आदि बंद हो जाता है। एलो वेरा को ओलिव आयल, नारियल का तेल, जोजोबा आयल आदि में मिलाकर भी बालों पर लगाया जा सकता है।

Hair fall

 

कितनी मात्रा में करें एलो वेरा का प्रयोग 

  • एलो वेरा का स्वाद कड़वा और तासीर ठंडी होती है जिसके कारण इसका उपयोग निश्चित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति को 10ml -15ml तक ही एलोवेरा का सेवन करना चाहिए। यदि आप इसे अधिक मात्रा अर्थात 50ml – 60ml तक लेते हैं तो दस्त लगने की संभावना बनी रहती है। एलो वेरा का सेवन सुबह खाली पेट ही सर्वोत्तम माना गया है।

 

एलो वेरा का प्रयोग किसे नहीं करना चाहिए:

  • किडनी रोगी : जो लोग किडनी की किसी भी बीमारी से ग्रसित हैं या किडनी से संबंधित कोई भी दवाई  लेते हैं उन्हें एलो वेरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को : महिलाएं जो गर्भवती हैं या गर्भधारण कर चुकी हैं उन्हें एलो वेरा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भ गिरने के संभावना बनी रहती है।
  • स्तनपान करवाती महिलाओं को : माँ बनने के पश्चात जो महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान करवाती हैं उन्हें भी एलो वेरा का सेवन नहीं करना चाहिए। दूध के माध्यम से एलो वेरा के अंश शिशु में जाने से उसे दस्त आदि की समस्या आ सकती है।

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नोट : उपरोक्त जानकारी विभिन्न लेखों, वीडियोस, इन्टरनेट के माध्यम से प्राप्त की गयी है। एलो वेरा का सेवन करने से पहले किसी डॉक्टर, एक्सपर्ट आदि से सलाह अवश्य करें।  आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी कृपया हमें hellonewsfellow@gmail.com पर ईमेल करके अवश्य बताएं। यदि आपके पास भी ऐसे ही ज्ञानवर्धक जानकारी उपलब्ध है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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